श्री योगी बाबा बम बम नाथ जी महाराज उज्जैन के एक प्रसिद्ध अघोरी संत थे, जिनका हाल ही में निधन हो गया है। उनके जीवन के विस्तृत व्यक्तिगत विवरण, जैसे कि उनकी जन्मतिथि या वास्तविक नाम, सार्वजनिक रूप से ज्ञात नहीं हैं, क्योंकि ऐसे संत अक्सर सांसारिक पहचान को त्याग देते हैं।
श्री योगी बाबा बम बम नाथ जी महाराज: एक संक्षिप्त जीवन परिचय
- आध्यात्मिक पहचान: वह एक नागा साधु और अघोरी संत थे, जो अपनी गहन तपस्या और महाकाल के प्रति भक्ति के लिए जाने जाते थे।
- निवास स्थान: उन्होंने अपना अधिकांश जीवन उज्जैन, मध्य प्रदेश में शिप्रा नदी के तट पर स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट में बिताया, जिसे एक पवित्र स्थल माना जाता है। अघोरी श्मशान में साधना करते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि यह उन्हें जीवन-मृत्यु के द्वंद्व से ऊपर उठने में मदद करता है।
- कार्य और सेवा:
- वह पिछले 20 वर्षों से लगातार बाबा महाकाल की सेवा और तपस्या कर रहे थे।
- वह 15 वर्षों से अधिक समय तक महाकाल की शाही सवारी (एक धार्मिक जुलूस) के स्वागत और सजावट का पूरा खर्च उठाते थे।
- पहले वह कावड़ियों के लिए यात्रा, ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी करते थे।
- मान्यता: उनके हजारों अनुयायी थे और स्थानीय लोगों का मानना था कि उनके पास सिद्धियाँ (आध्यात्मिक शक्तियाँ) थीं।
- गुरु परंपरा: वह नाथ अघोर परंपरा से संबंधित थे, और उनके गुरु का नाम श्री बाबा भूत नाथ अघोरी था।
- ब्रह्मलीन: बाबा बम बम नाथ जी 29 नवंबर 2025 को ब्रह्मलीन हो गए (उनका निधन हो गया)।
- समाधि स्थल: उनका समाधि स्थल अब राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बारनी गांव में बाबा भूतनाथ धाम आश्रम में स्थित है।

श्री योगी बाबा बम बम नाथ जी महाराज एक प्रसिद्ध हिंदू तपस्वी और आध्यात्मिक व्यक्ति थे, जिन्हें भारत में विशेष रूप से मध्य प्रदेश और राजस्थान के क्षेत्रों में बहुत सम्मान प्राप्त था। वह एक अघोरी साधु के रूप में जाने जाते थे, जिन्होंने सांसारिक जीवन त्यागकर तपस्या और ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक मुक्ति का मार्ग चुना था।
बाबा बम बम नाथ हैं, जो भारत के उज्जैन के एक जाने-माने और पूजनीय नागा साधु हैं। वे महाकालेश्वर मंदिर से अपने जुड़ाव के लिए जाने जाते थे, जहाँ वे कई सालों तक रोज़ाना होने वाली भस्म आरती में शामिल रहे।


